हम कभी वर्तमान नहीं देख सकते
हम कभी वर्तमान नहीं देख सकते वैदिक विज्ञानियों….. सादर अभिनन्दन _/\_ एक बार मैं ट्रेन में बैठा था, भोपाल से जबलपूर जा रहा था। खिडकी के पास बैठकर बाहरी दुनिया और प्रकृति के स्वरूप को समझ रहा था। इसी बीच परमात्मा की अनुकम्पा से मेरा मस्तिष्क प्रकाश पर मंथन करके बहुत ही रोचक सिद्धांत […]
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