हम कभी वर्तमान नहीं देख सकते

हम कभी वर्तमान नहीं देख सकते   वैदिक विज्ञानियों….. सादर अभिनन्दन _/\_ एक बार मैं ट्रेन में बैठा था,  भोपाल से जबलपूर जा रहा था। खिडकी के पास बैठकर बाहरी दुनिया और प्रकृति के स्वरूप को समझ रहा था। इसी बीच परमात्मा की अनुकम्पा से मेरा मस्तिष्क प्रकाश पर मंथन करके बहुत ही रोचक सिद्धांत […]

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भद्रा पर सम्पूर्ण विवेचन

भद्रा पर सम्पूर्ण विवेचन   भद्रा का पौराणिक आख्यान- पूर्वकाल में जब देवताओ और असुरो का युद्ध हुआ तो देवगण हारने लगे तब शिवजी को क्रोध आ गया शिवजी की आँखे एकदम लाल हो गयी, दशों दिशाएं कांपने लगी इसी समय शिवजी की दृष्टि उनके हृदय पर पड़ी और उसी समय एक गधी के सामान

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ईश्वर साक्षात्कार के बाद मुक्ति कब ???

ईश्वर साक्षात्कार के बाद मुक्ति कब ???   कुछ समय पहले मेरे एक मित्र ने मुझसे बहुत जबरदस्त प्रश्न पूछा था आज उसका सटीक शास्त्रीय उत्तर आप सबके साथ साझा कर रहा हूँ। #प्रश्न- ईश्वर(परमब्रह्म) सच्चिदानन्द(त्रिकालाबाधित), अखण्ड(सजातीय-विजातीय-स्वगतभेदशून्य), सर्वदा विद्यमान, प्रकाशरुप, चैतन्यस्वरुप, आनन्दघन, सर्वशक्तिमान परमात्मा जो जीवों के लिए एकमात्र लक्ष्य हैं। जिनके दर्शन मात्र से

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ईश्वर साक्षात्कार के बाद मुक्ति कब ???

ईश्वर साक्षात्कार के बाद मुक्ति कब ???   कुछ समय पहले मेरे एक मित्र ने मुझसे बहुत जबरदस्त प्रश्न पूछा था आज उसका सटीक शास्त्रीय उत्तर आप सबके साथ साझा कर रहा हूँ। #प्रश्न- ईश्वर(परमब्रह्म) सच्चिदानन्द(त्रिकालाबाधित), अखण्ड(सजातीय-विजातीय-स्वगतभेदशून्य), सर्वदा विद्यमान, प्रकाशरुप, चैतन्यस्वरुप, आनन्दघन, सर्वशक्तिमान परमात्मा जो जीवों के लिए एकमात्र लक्ष्य हैं। जिनके दर्शन मात्र से

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सौरमास व चान्द्रमास गणना

सौरमास व चान्द्रमास गणना   चान्द्रमास मास की गणना भारतवर्ष में दो तरह से प्रचलित है। एक चान्द्रमास जिसके दिनों को तिथि कहा जाता है। ये 15-15 दिनों शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष से मिलकर लगभग 30 दिनों का होता है। शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष के तिथियों का नाम 1-14 तक समान ही है | शुक्ल

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ग्रहों में परस्पर बलवृद्धि

ग्रहों में परस्पर बलवृद्धि   जिज्ञासु के प्रश्न– जय श्री राम ! कृपा करके कौन सा ग्रह किस ग्रह के साथ कैसा फल प्रदान करता है,तथा उसका फल कब विपरिणाम होता है ,यह भी बताएँ । मेरा उत्तर- यह प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि कई बार इस विषय पर ज्योतिर्विद भी संशय में पड़ जाते

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एलर्जी के ज्योतिषीय निदान व उपचार

एलर्जी के ज्योतिषीय निदान व उपचार   जिज्ञासु के प्रश्न– आजकल एलर्जी बहुत से लोगों को हो रही है,कृपया इससे संबंधित लेख या जानकारी हो तो दें, एलर्जी की ज्योतिषीय विवेचना व निदान उपाय आदि कृपया बताएँ । मेरा उत्तर- यह आज के समय के हिसाब से बहुत ही प्रासंगिक प्रश्न आपने पूछा है, क्योंकि

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अबध्य शत्रु

अबध्य शत्रु हमारे समाज में यह प्रचलित शब्द है। माँ जब हम भाई-बहनों से बहुत परेशान हो जाती थी बोलतीं कि तुमलोग अबध्य शत्रु हो। मैं इसका मतलब नहीं जानता था तो मैने एक दिन जब माँ को शान्त प्रसन्न मन देखा तो पूछ लिया माँ आप हमलोगों को गुस्से में अबध्य शत्रु क्यों कहती

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मध्यान्ह या मध्यरात्रि में जन्म- एक राजयोग

मध्यान्ह या मध्यरात्रि में जन्म एक राजयोग:- जी हाँ आपको सुनने में यह बात आश्चर्यजनक लग सकती है कि मध्यान्ह या मध्यरात्रि में जन्म लेना ज्योतिष में राजयोग की निशानी है। लेकिन आज हम आपको इस महत्वपूर्ण तथ्य से अवगत कराने आए हैं, वो भी पुख्ता शास्त्रीय प्रमाण और पर्याप्त अनुभव के साथ। तो चलिए

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कोरोना पर जगन्नाथ पंचांग की भविष्यवाणी हुई है सत्य…

कोरोना पर जगन्नाथ पंचांग की भविष्यवाणी हुई है सत्य… जी हाँ, जिस कोरोना महामारी से आज पूपा विश्व परेशान है, उसके आने की भविष्यवाणी जगन्नाथ पंचांग में पिछले वर्ष ही कर दी गई थी। कई लोग सोशल मीडिया पर ज्योतिष शास्त्र का मजाक उड़ा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या ज्योतिषी ने कोरोना

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