रुद्राभिषेक हेतु श्रावणमास की महत्वपूर्ण तिथियाँ

श्रावण कृष्णपक्ष
01 अगस्त 2026 श्रावण का प्रथम शनिवार। साढेसाती, ढैया, शनि महादशा, शनि अन्तर्दशा, शनि की अशुभ स्थिति आदि शनिग्रहजन्य पीडा के निवारण के लिए सर्वोत्तम।
2 अगस्त 2026 संकष्टी गणेश चतुर्थी – शिवजी एवं गणेश जी की कृपा प्राप्ति, बुद्धि प्राप्ति, आयुवृद्धि, धन-समृद्धि प्राप्ति तथा विवाद से बचाव विघ्ननाश के लिए सर्वोत्तम।
3 अगस्त 2026 प्रथम श्रावण सोमवार, नागपञ्चमी, मधुश्रावणी एवं सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला सुकर्मा योग – कालसर्पदोष, नागकरण में जन्म, श्लेषा नक्षत्रजन्य दोष, मंगल दशाजन्य दोष, सर्पशाप, पञ्चमी तिथि में जन्म आदि की शान्ति के लिए सर्वोत्तम। पुनश्च शिवकृपा प्राप्ति, शत्रुनाश, इन्फेक्शन से संबंधित रोग का नाश, ऋण मुक्ति एवं समृद्धि या प्राप्त धन का चिरकाल तक स्थिरता प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम समय।
5 अगस्त 2026 सिद्धा तिथि एवं अश्विनी नक्षत्र – अभिष्ट सिद्धि, आरोग्य प्राप्ति, रोगनाश, धनप्राप्ति, अक्षय पुण्यफल एवं इष्टकृपा प्राप्ति हेतु सर्वोत्तम।
6 अगस्त 2026 अष्टमी तिथि, गण्ड योग एवं विपक्षी को मुकदमे में विजय दिलाने वाला यायीजययोग, शीतला अष्टमी, मन्वादि तिथि – लम्बित कार्यों या अनावश्यक विघ्ननाश के लिए सर्वोत्तम, समस्त विघ्ननाश, दीर्घायु की प्राप्ति, अक्षय पुण्यफल, संक्रमण जन्य रोग का नाश, चेचक का नाश, गम्भीर त्वचा रोगों का नाश, समृद्धि की प्राप्ति, मनःशान्ति, देवीकृपा प्राप्ति, पथरी रोग निवारण, दर्द या वेदना से संबंधित रोग निवारण, सभी कार्यों की सिद्धि एवं प्रतिपक्षी के विजय के लिए सर्वोत्तम।
8 अगस्त 2026 दशमी तिथि, सर्वार्थसिद्धि योग, अमृतसिद्धि योग – समस्त विघ्ननाश, संक्रमण जन्य रोग का नाश, गम्भीर रोगों का नाश, समृद्धि की प्राप्ति, सभी कार्यों की सिद्धि एवं विजय के लिए सर्वोत्तम।
9 अगस्त 2026 सभी कामनाओं को पूर्ण करने वाली कामदा एकादशी, सभी कार्यों को द्विगुणित करने वाला द्विपुष्कर योग – अभिष्ट सिद्धि, इष्टकृपा प्राप्ति, चन्द्र दशाजन्य अनिष्ट निवारण, श्रीमन्नारायण कृपा प्राप्ति, पितृदोष निवारण, शिव कृपा प्राप्ति एवं अनिष्ट निवारण के लिए सर्वोत्तम।
10 अगस्त 2026 द्वितीय श्रावण सोमवार, संतति की कामनाओं को पूर्ण करने वाला सोमप्रदोष, प्रतिपक्षी को जीत दिलाने वाला यायीजय योग एवं रुद्र का नक्षत्र आर्द्रा – अभिष्ट सिद्धि, इष्टकृपा प्राप्ति, चन्द्र दशाजन्य अनिष्ट निवारण, श्रीमन्नारायण कृपा प्राप्ति, पितृदोष निवारण, देवीकृपा प्राप्ति, शिव कृपा प्राप्ति एवं अनिष्ट निवारण के लिए सर्वोत्तम।
11 अगस्त 2026 मासशिवरात्रि व्रत, चतुर्दशी तिथि मंगलवार – लक्ष्मी जी की प्रसन्नता, ऋणमुक्ति, मंगल दोष निवारण, मांगलिक दोष निवारण, मंगल दशाजन्य अनिष्ट निवारण के लिए सर्वोत्तम। पुनश्च मनचाहा फल, शीघ्र विवाह, अभिचार कर्म या ऊपरी बाधा से मुक्ति, शिवकृपा प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम।
12 अगस्त अमावस्या बुधवार, पुष्य नक्षत्र एवं व्यतिपात योग – अभीष्ट सिद्धि, बुद्धि प्राप्ति, पितृदोष निवारण, पितरों की प्रसन्नता, बुध दशाजन्य अनिष्ट निवारण, मनःशान्ति, दर्श शान्ति, साधना सिद्धि, दुर्गम कार्यसिद्धि एवं तंत्र-मंत्र अभिचार दोष निवारण के लिए सर्वोत्तम।

श्रावण शुक्लपक्ष
13 अगस्त 2026 प्रतिपदा श्रावण गुरुवार एवं मघा नक्षत्र, श्रीविष्णु शिवात्मक अभिषेक आरम्भ – शिव-विष्णु कृपा प्राप्ति के लिए तथा लक्ष्मी कृपा प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम, साथ ही गुरु एवं केतु दशाजन्य दोष, प्रतिपदा तिथि में जन्म आदि की शान्ति के लिए सर्वोत्तम। पुनश्च गुरु कृपा प्राप्ति, पितरों की प्रसन्नता, धन-समृद्धि प्राप्ति तथा वैवाहिक जीवन में सुख के लिए सर्वोत्तम।
15 अगस्त 2026 श्रावण शुक्ल तृतीया, शनिवार, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र, शिव कृपा दिलाने वाला शिवयोग, सभी कार्य सिद्ध करने वाला रवियोग एवं हरियाली तीज – अभिष्ट सिद्धि, आरोग्य प्राप्ति, मनचाहा फल, के दशाजन्य दोष, शीघ्र विवाह एवं इष्टकृपा प्राप्ति हेतु सर्वोत्तम।
16 अगस्त 2026 श्रावण रविवार, वैनायकी गणेश चतुर्थी एवं यायिजययोग – समस्त विघ्ननाश एवं बुद्धि, समृद्धि प्राप्ति तथा प्रतिपक्षी के विजय के लिए सर्वोत्तम।
17 अगस्त 2026 तृतीय श्रावण सोमवार, चित्रा नक्षत्र, नागपञ्चमी, जागृतगौरी पञ्चमी, सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला शुभयोग – कालसर्पदोष, नागकरण में जन्म, श्लेषा नक्षत्रजन्य दोष, सूर्य दशाजन्य दोष, सर्पशाप, पञ्चमी तिथि में जन्म आदि की शान्ति के लिए सर्वोत्तम। पुनश्च शिवकृपा प्राप्ति, शत्रुनाश, इन्फेक्शन से संबंधित रोग का नाश, ऋण मुक्ति एवं समृद्धि या प्राप्त धन का चिरकाल तक स्थिरता प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम समय।
18 अगस्त 2026 स्कन्दषष्ठी, रवियोग एवं शुक्लयोग – सर्वकार्यसिद्धि, समृद्धि, मनःशान्ति, स्मरण शक्ति में वृद्धि एवं मनोरोग निवारण के लिए सर्वोत्तम।
22 अगस्त 2026 श्रावण शनिवार दशमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र एवं विष्कुम्भ योग तथा सभी कार्यों को सिद्ध करने वाला रवियोग – देवीकृपा प्राप्ति, लक्ष्मी जी की प्रसन्नता, मानसिक शान्ति, धन की स्थिरता, गुरु दशा संबंधी दोष निवारण एवं शनिग्रह संबंधी दोष निवारण आदि के लिए सर्वोत्तम।
24 अगस्त 2026 चतुर्थ श्रावण सोमवार, पुत्रदा एकादशी तिथि, आयुष्मान् योग, पूर्वाषाढा नक्षत्र – चन्द्र दोष निवारण, अभिचार दोष निवारण, उच्च पद प्राप्ति, शुक्र दशाजन्य अनिष्ट निवारण एवं पुत्र प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम।
25 अगस्त 2026 मंगलवार, भौमव्रत एवं सौभाग्य योग – अभिष्ट सिद्धि, श्रीमन्नारायण कृपा प्राप्ति, इष्टकृपा प्राप्ति, मंगल एवं सूर्य दशाजन्य अनिष्ट निवारण, मांगलिक दोष निवारण, ऋणमुक्ति, मंगल दोष निवारण दीर्घायुष्य प्राप्ति, विघ्न निवारण के लिए सर्वोत्तम।
27 अगस्त चतुर्दशी तिथि, शोभन योग, धनिष्ठा नक्षत्र, व्रत की पूर्णिमा एवं शिवाधिवासन – शिव कृपा प्राप्ति के लिए अत्यंत उत्तम, सौभाग्यवृद्धि, समृद्धि, शीघ्र विवाह, मनचाहा फल, सर्वमनोकामना पूर्ति, साधना सिद्धि, मनोरोग निवारण, अकेलापन निवारण, जीवन का खालीपन निवारण, अधूरा वैराग्य हरण, डिप्रेशन निवारण, क्रोध में नियन्त्रण, आरोग्य प्राप्ति एवं शिवजी की प्रसन्नता के लिए सर्वोत्तम।
28 अगस्त अन्तिम श्रावण शुक्रवार, स्नान दान की पूर्णिमा, श्रावणी उपाकर्म, शतभिषा नक्षत्र, सूर्योदय के बाद रक्षाबन्धन, सुकर्मा योग एवं संस्कृत दिवस- सर्वमनोरथ सिद्धि, शिवकृपा प्राप्ति, अक्षय पुण्यफल प्राप्ति, मनःशान्ति, उच्च सफलता, प्रतियोगी परीक्षाओं में विजय, प्रोन्नति, आरोग्य, राजनीति के क्षेत्र में सफलता आदि के लिए सर्वोत्तम।
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डॉ. ब्रजेश पाठक ज्यौतिषाचार्य


