संहिता ज्योतिष में संध्यालक्षण से वर्षा का परिज्ञान
डॉ. ब्रजेशपाठक ज्यौतिषाचार्य भारतवर्ष विभूतियों की भूमि रही है। इसमें अनेकों विद्यारत्नों ने जन्म लिया है। उन्हीं अग्रगण्य विद्यारत्नों में अपना विशेषस्थान रखने वाले जयपुर राजसभाप्रधान समीक्षाचक्रवर्ती स्वनामधन्य स्व. पण्डित मधुसूदन ओझा विद्यावाचस्पति जी विलक्षण प्रतिभा से सम्पन्न एवं भारतीय गूढविद्याओं के अतुल्य विद्वान् हैं। आपका जन्म बिहार राज्य के मिथिला प्रान्त के मुजफ्फरपुर जिले […]
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