षट्पदी स्तोत्र Launch

ग्रन्थ विवरणी – पंडित ब्रजेश पाठक ‘ज्यौतिषाचार्य’

लेखन और सम्पादन के साथ अभी तक मेरे नाम चार पुस्तकें हो चुकी हैं। जिनमें से दो ग्रन्थ तो ज्योतिष् के ही हैं। आइए क्रमशः इन ग्रन्थों के बारे में जानते हैं। 1. फलित राजेन्द्र : ग्रन्थकार – ब्रजेश पाठक ‘ज्यौतिषाचार्य’पुस्तक की भाषा – हिन्दीपढ़ने के अधिकारी – सभी लोगपुस्तक की स्थिति – सामान्य पवित्रता […]

ग्रन्थ विवरणी – पंडित ब्रजेश पाठक ‘ज्यौतिषाचार्य’ Read More »

नवरात्र विशेष – कलशस्थापना एवं सभी पूजन मुहूर्त तथा वाहन फल विचार

नवरात्र विशेष – कलशस्थापना एवं सभी पूजन मुहूर्त तथा वाहन फल विचार 🌼 कलश स्थापना का मुहूर्त 🌼  11 अक्टूबर 2026 से 20 अक्टूबर 2026 तक शारदीय नवरात्र होगा। 11 अक्टूबर को कलश स्थापना करनी है। इस वर्ष कुछ संयोग ऐसे हैं कि कई व्यवधान उपस्थित हैं। विशेष रूप से कलशस्थापना में चित्रा एवं वैधृति

नवरात्र विशेष – कलशस्थापना एवं सभी पूजन मुहूर्त तथा वाहन फल विचार Read More »

गोलयन्त्र – The Interactive Digital Astronomical Teaching Tool

एक 3D अन्तःक्रियात्मक खगोलीय शिक्षण-संसाधन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से भारतीय खगोलीय अवधारणाओं को दृश्य, गतिशील एवं प्रयोगात्मक रूप में समझाया जा सकता है। इसमें 3D घूर्णन एवं विस्तार, विभिन्न वृत्तों और बिन्दुओं को प्रदर्शित/अप्रदर्शित करने की सुविधा, ग्रहों एवं लग्न-संबंधी बिन्दुओं का प्रदर्शन तथा आधुनिक अंग्रेज़ी खगोलीय पारिभाषिक शब्दावली का प्रयोग दिखाई

गोलयन्त्र – The Interactive Digital Astronomical Teaching Tool Read More »

प्रश्न — विश्वकर्मा जी ईसा-मसीह के बाद तो जन्मे नहीं थे, तो फिर 17 सितम्बर को विश्वकर्मा जयंती कैसे मनाई जाती है?

एक बात श्रीमान् को ध्यान में रखनी चाहिए कि हमारे यहाँ कालगणना की नौ पद्धतियाँ प्रचलित रही हैं। महर्षि-प्रणीत सूर्यसिद्धान्त ग्रन्थ में “नवविधकालमानानि” नाम से इन नौ कालमानों का सुव्यवस्थित वर्णन प्राप्त होता है। इनमें भी सौरमान और चान्द्रमान सर्वाधिक महत्वपूर्ण और व्यावहारिक माने गए हैं — हमारा सम्पूर्ण पंचांग-गणित तथा व्रत-त्योहार इन्हीं दो मानों

प्रश्न — विश्वकर्मा जी ईसा-मसीह के बाद तो जन्मे नहीं थे, तो फिर 17 सितम्बर को विश्वकर्मा जयंती कैसे मनाई जाती है? Read More »

रक्षाबंधन तिथि निर्णय। 2026

रक्षाबंधन का पावन पर्व सनातन परंपरा में भाई-बहन के अटूट स्नेह और रक्षा के वचन का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को अपराह्नकाल (दोपहर बाद के समय) में मनाया जाता है। किंतु इस पर्व के लिए शास्त्रों में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और कठोर शर्त निर्धारित की गई है —

रक्षाबंधन तिथि निर्णय। 2026 Read More »

सूर्यसिद्धांत दृग्गणितत्व सम्पादित करना कितना उपादेय?

प्रश्नकर्ता – एकः प्रश्नः, तथा च तत्रैव मम कश्चन प्रस्तावोऽपि अस्ति। यदि सूर्यसिद्धान्तस्य गणितप्रक्रियायां कांश्चन चरराशीन् (variables) यथोचितरूपेण समावेश्य, तत्र विद्यमानान् सूत्रान् किंचित् परिष्कृत्य वा संशोध्य, दृग्गणितेन सह सर्वथा सुसंगतं फलम् उत्पादयितुं शक्येत, तर्हि तादृशः संशोधनः केवलं शत-द्विशतवर्षपर्यन्तमेव न भवेत्, अपि तु सर्वकालिकरूपेण फलप्रदः स्यात्—इति मम जिज्ञासा। यदि सर्वकालिकरूपेण तादृशं शुद्धीकरणं गणिततः न शक्यते, तर्हि

सूर्यसिद्धांत दृग्गणितत्व सम्पादित करना कितना उपादेय? Read More »

नागपञ्चमी

सांस्कृतिक, पौराणिक, कृषि-पारिस्थितिक एवं ज्योतिर्वैज्ञानिक आयामों का एक समन्वित अध्ययन (A Study of Nāgapañcamī: Cultural, Mythological, Agro-Ecological and Archaeo-Astronomical Dimensions) शोध-आलेख (Research Paper) प्रकाशक: हरिहर ज्योतिर्विज्ञान संस्थान अगस्त 2026 सारांश (Abstract) भारतीय पर्व-परम्परा में नागपञ्चमी को प्रायः केवल एक धार्मिक अनुष्ठान — सर्प-पूजा का पर्व — के रूप में देखा जाता है। प्रस्तुत शोध-आलेख इस

नागपञ्चमी Read More »

#सूर्यग्रहण12अगस्त_2026

(जब आकाश बनेगा प्रयोगशाला) सूर्यग्रहण, उल्कावृष्टि और भारतीय खगोल-परम्परा की एक अद्भुत कड़ी आकाश को देखते हुए मनुष्य ने केवल तारों की सुंदरता का अनुभव नहीं किया, बल्कि समय, ऋतु, ग्रह-नक्षत्रों की गति और कालगणना को समझने का प्रयास भी किया। इसी दृष्टि से 12 अगस्त 2026 का दिन विशेष रोचक है। इस दिन विश्व

#सूर्यग्रहण12अगस्त_2026 Read More »

पितरोंको प्रसन्न करनेवाला स्तोत्र

॥ ॐ श्रीपरमात्मने नमः ॥ *रुचिरुवाच अर्चितानाममूर्त्तानां पितॄणां दीप्ततेजसाम्।नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम्॥१॥इन्द्रादीनां च नेतारो दक्षमरीचयोस्तथा।सप्तर्षीणां तथान्येषाम् तान् नमस्यामि कामदान्॥२॥मन्वादीनां मुनीन्द्राणां सूर्याचन्द्रमसोस्तथा।तान् नमस्याम्यहं सर्वान् पितॄनप्सूदधावपि॥३॥नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा।द्यावापृथिव्योश्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलिः॥४॥देवर्षीणां जनितॄंश्च सर्वलोकनमस्कृतान्।अक्षय्यस्य सदा दातॄन् नमस्येऽहं कृताञ्जलिः॥५॥प्रजापतेः कश्यपाय सोमाय वरुणाय च।योगेश्वरेभ्यश्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलिः॥६॥नमो गणेभ्यः सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु।स्वयम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे॥७॥सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्त्तिधरांस्तथा।नमस्यामि तथा सोमं

पितरोंको प्रसन्न करनेवाला स्तोत्र Read More »

श्रावण मास रुद्राभिषेक तिथियाँ 2026

रुद्राभिषेक हेतु श्रावणमास की महत्वपूर्ण तिथियाँ श्रावण कृष्णपक्ष 01 अगस्त 2026 श्रावण का प्रथम शनिवार। साढेसाती, ढैया, शनि महादशा, शनि अन्तर्दशा, शनि की अशुभ स्थिति आदि शनिग्रहजन्य पीडा के निवारण के लिए सर्वोत्तम। 2 अगस्त 2026 संकष्टी गणेश चतुर्थी – शिवजी एवं गणेश जी की कृपा प्राप्ति, बुद्धि प्राप्ति, आयुवृद्धि, धन-समृद्धि प्राप्ति तथा विवाद से

श्रावण मास रुद्राभिषेक तिथियाँ 2026 Read More »

दाम्पत्य सुख बढ़ाने वाला अद्भुत् अशून्य शयन व्रत

यदि आप भी पति-पत्नी के बीच कलह से परेशान हैं, वैमनस्य बढ़ रहा है, विचार नहीं मिल रहे हैं अथवा तलाक की नौबत आ रही है या जन्मकुंड़ली में दाम्पत्य सुख का योग  कम है, यदि जीवनसाथी अल्पायु है अथवा जीवनसाथी कुमार्ग का आश्रय ले रहा है तो आपको यह अद्भुत अशून्य शयन व्रत अवश्य

दाम्पत्य सुख बढ़ाने वाला अद्भुत् अशून्य शयन व्रत Read More »

Scroll to Top